Archive | March, 2013

मोहब्बत से ऊंचा

25 Mar

ख़याल ए मजबूर है हम और आप भी मजबूर
मोहब्बत इसे नाम देते है लोग, पर हम करते है न मंज़ूर
नाम इसका है नही और शायद होगा भी नही
मोहब्बत से बहुत ऊंचा जो है यह जान ए हुज़ूर

बेवजह शरमाहट

25 Mar

पैघाम मेरा पढ़कर आप मुस्कुराती होगी
लब जो बया नही कर सकते, वो खुशी दिल में समाती होगी
बिना वजह के आप युन्ही शरमाती होगी
पैघाम मेरा पढ़कर आप मुसकुराती होगी

क्यूँ?

25 Mar

ऐसी बेकसी मैं गूँज रहे है क्यूँ?
ऎसी बेबसी दिल पे छाई है क्यूँ?
जवाबों की तलाश में निकले है क्यूँ?
ज़ाहिर है जब उनके सारे इशारे
ऐसे बेमतलब सवाल हमे आये है क्यूँ?

पूनम की चांद

25 Mar

पूनम की चांद से मिलके आया हूँ
महके खुशबू में खिलके आया हूँ
पूनम न समझ पायी हमे, अफ़सोस
नदी के संग खूब बेहके आया हूँ
सितारों के घर में रेहके आया हूँ
पूनम की चांद बनके आया हूँ

इन्तेज़ार यु

25 Mar

उठेंगे आप यु, जैसे उठा कोई सुनेहरा सवेरा
शरमायेंगे आइने के सामने यु, जैसे खिला फूलों का ढेरा
सजेंगे आप यु, जैसे सजेगा तारों का बसेरा
करेंगे इन्तेज़ार हर रोज़ आप हमारे, जैसे सवेरा का करता होगा अंधेरा

खुदा गवाह

25 Mar

खुदा गवाह है दुनिया में सभी नज़ारों का
है वो खुदा यहाँ के जनाब ए हज़ारों का
करते है सब सलाम उसे और लेता है वो सलाम भी
उन्ही के इशारे पे खिलते है गुल गुल्ज़ारों का
उन्ही के कहने पे आता है मौसम बहारों का
इतना कुछ जो करता है खुदा, दुआ है मेरी भी
ख़त्म करे दुनिया में जंग ए औज़ारों का

बहुत मिले

25 Mar

खुशियों के खज़ाने मैं तेरे मुस्कान बहुत मिले
शराबों के मैकाने मैं तेरे दीवाने बहुत मिले
सराबों का महफिल खूब सजाया आपने
हर सराब मैं आपके निशान बहुत मिले